निर्वासन और ‘मानसिक थकान’: वह दौर जब लगा सब खत्म हो गया
Ishan Kishan’s India Comeback: ईशान किशन की कहानी में एक बड़ा मोड़ दिसंबर 2023 में आया, जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका दौरे के बीच में ही ‘मानसिक थकान’ का हवाला देते हुए ब्रेक लिया था। इसके बाद जो हुआ, उसने भारतीय क्रिकेट जगत को चौंका दिया। ईशान ने बीसीसीआई के निर्देशों के बावजूद रणजी ट्रॉफी नहीं खेली, जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें 2024 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया।

उस समय ऐसा लग रहा था कि शायद टीम इंडिया के दरवाजे इस ‘पॉकेट डायनेमो’ के लिए हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। ऋषभ पंत की वापसी और संजू सैमसन के शानदार प्रदर्शन ने ईशान की राह और मुश्किल कर दी थी।
‘नया’ ईशान किशन: व्यक्तित्व में बदलाव
फरवरी 2026 में नामीबिया के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच के बाद ईशान ने स्वीकार किया कि वह अब एक “बदले हुए इंसान” हैं। पहले जहाँ वह 24 घंटे मस्ती-मजाक के लिए जाने जाते थे, अब उन्होंने अपने खेल और फिटनेस को प्राथमिकता दी है।
“मैं अब एक बदला हुआ इंसान हूँ। पहले मैं हर समय मज़ाक करता रहता था, लेकिन अब मैं सिर्फ दिन के 2-3 घंटे ही हल्का मूड रखता हूँ। बाकी समय मेरा ध्यान सिर्फ मेरी बल्लेबाजी और कीपिंग पर होता है।” – ईशान किशन
घरेलू क्रिकेट का ‘तप’ और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में धमाका
ईशान ने अपनी गलतियों से सीखा और 2025 के घरेलू सत्र में खुद को पूरी तरह झोंक दिया। झारखंड की कप्तानी करते हुए उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में न केवल 517 रन बनाए, बल्कि अपनी टीम को पहला खिताब भी दिलाया। Ishan Kishan’s India Comeback
हरियाणा के खिलाफ फाइनल में उनकी 49 गेंदों पर 101 रनों की पारी (जिसमें 10 छक्के शामिल थे) ने चयनकर्ताओं को यह संदेश भेज दिया कि ईशान अब केवल आईपीएल के खिलाड़ी नहीं रहे, बल्कि वे राष्ट्रीय टीम के लिए फिर से तैयार हैं। Ishan Kishan’s India Comeback
शुरुआती चमक: जब ईशान बने भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद
झारखंड से आने वाले ईशान किशन ने बहुत कम उम्र में ही यह दिखा दिया था कि वे आम क्रिकेटर नहीं हैं। अंडर-19 क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक, उनका बल्ला हमेशा आक्रामक अंदाज़ में बोला। Ishan Kishan’s India Comeback
आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए ईशान ने बड़े-बड़े गेंदबाज़ों के खिलाफ निडर बल्लेबाज़ी की और जल्द ही टीम इंडिया का दरवाज़ा उनके लिए खुल गया।
वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़कर उन्होंने इतिहास रच दिया। उस पारी ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। फैंस, मीडिया और चयनकर्ता—सबको लगा कि भारत को भविष्य का एक विस्फोटक ओपनर मिल गया है। Ishan Kishan’s India Comeback
गिरावट का दौर: जब आत्मविश्वास बना सबसे बड़ी चुनौती
तेज़ी से मिली सफलता के साथ दबाव भी उतनी ही तेज़ी से आया।
ईशान किशन की बल्लेबाज़ी की एक बड़ी कमजोरी सामने आने लगी—ऑफ-साइड के बाहर जाती गेंदों पर जरूरत से ज्यादा आक्रामकता।
बार-बार वही गलतियाँ:
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कवर ड्राइव और कट शॉट में जल्दबाज़ी
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ऑफ स्टंप के बाहर गेंदों को खेलने की मजबूरी
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टेस्ट और वनडे में धैर्य की कमी
इन कारणों से वे लगातार आउट होने लगे। चयनकर्ताओं का भरोसा डगमगाया और अंततः उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ा।
2026 टी20 विश्व कप: धमाकेदार वापसी
जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज से ईशान ने नीली जर्सी में वापसी की। उन्होंने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ शानदार शतक जड़कर अपनी जगह पक्की की।
हाल ही में, 12 फरवरी 2026 को नामीबिया के खिलाफ विश्व कप मुकाबले में ईशान ने सिर्फ 24 गेंदों पर 61 रन ठोककर एक नया इतिहास रच दिया। वह टी20 विश्व कप में अर्धशतक बनाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बने। उनकी इस पारी ने भारत को विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर (86/1) दिलाने में मदद की। Ishan Kishan’s India Comeback
| रिकॉर्ड का प्रकार | प्रदर्शन | विपक्षी टीम |
| वापसी के बाद पहला टी20 शतक | 103 रन (43 गेंद) | न्यूजीलैंड |
| विश्व कप में सबसे तेज 50 (कीपर) | 61 रन (24 गेंद) | नामीबिया |
| आईपीएल 2025 प्रदर्शन | 354 रन (1 शतक) | सनराइजर्स हैदराबाद |
ऑफ-साइड पर नया नियंत्रण: वापसी की असली कुंजी
“Aiming for the off-side stars” सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि ईशान किशन की नई बल्लेबाज़ी फिलॉसफी है।
पहले जहाँ ऑफ-साइड उनकी कमजोरी थी, अब वही उनकी ताकत बन गई।
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कवर ड्राइव अब जोखिम नहीं, आत्मविश्वास है
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कट शॉट अब ज़रूरत के हिसाब से
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गेंद को पहले पढ़ना, फिर खेलना
यह बदलाव उन्हें एक परिपक्व बल्लेबाज़ बनाता है। Ishan Kishan’s India Comeback
5. सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और भविष्य की चुनौतियां
भले ही ईशान आज टीम के प्रमुख सदस्य हैं, लेकिन फरवरी 2026 में जारी बीसीसीआई की नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में उनका नाम फिर से गायब था। इसका मुख्य कारण 2024-25 के मूल्यांकन चक्र के दौरान पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय मैच न खेलना था।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह विश्व कप में इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो उन्हें जल्द ही प्रो-रेटा आधार पर कॉन्ट्रैक्ट मिल जाएगा। फिलहाल, उनका पूरा ध्यान भारत को तीसरा टी20 विश्व कप दिलाने पर है। Ishan Kishan’s India Comeback
6. Ishan Kishan celebration after half-century in 2026.
स्पष्ट है कि ईशान किशन के खेल के एक “ग्रे एरिया” को सुधारने की चाह हालिया समझ या अचानक आई कोई अनुभूति नहीं है। उनके बल्लेबाज़ी को लेकर विराट कोहली के साथ होने वाली बातचीत में यह आत्ममंथन लंबे समय से शामिल रहा है—यह सिलसिला हाल के ऑफ-सीज़न से कहीं पहले का है।
ईशान ने अपनी इस परेशानी को राजीव कुमार के सामने भी रखा था, जो अंडर-16 और अंडर-19 के दिनों से लेकर रणजी क्रिकेट तक उनके कोच रहे हैं। जनवरी 2025 में जब राजीव कुमार अपने गृह नगर पटना लौटे और एक रात ईशान किशन के घर डिनर पर आए, तो इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने एक ऐसी समस्या का ज़िक्र किया जो उनकी बल्लेबाज़ी को लगातार परेशान कर रही थी—वे ऑफ-साइड पर खुलकर रन नहीं बना पा रहे थे।
राजीव कुमार ने ईशान से अपना बल्ला और ग्लव्स लाने को कहा, ताकि वे उनका ग्रिप देख सकें और यह समझ सकें कि कहीं कोई तकनीकी कमी तो नहीं है। ग्रिप देखते ही राजीव को फर्क साफ नज़र आया। Ishan Kishan’s India Comeback
ईशान अब उस तरह से बल्ला नहीं पकड़ रहे थे, जैसा वे 2019 में झारखंड के लिए खेलते समय किया करते थे, जब राजीव आखिरी बार उनके कोच थे। उनका ग्रिप बदल चुका था।
राजीव ने ईशान को सलाह दी कि वे अपने नेचुरल ग्रिप पर वापस लौटें—वही ग्रिप, जिसके साथ उनका बैट स्विंग ज्यादा स्वाभाविक और खुला हुआ था।
Cricbuzz से बातचीत में राजीव कुमार कहते हैं, Ishan Kishan’s India Comeback
“स्वाभाविक रूप से उसका ग्रिप बहुत अच्छा था और उसका बैलेंस भी शानदार था। अगर आप उसके पुराने वीडियो देखें, तो साफ दिखता है कि उसकी बॉल स्ट्राइकिंग कितनी क्लीन थी। बीच के दौर में उसने कुछ प्रयोग किए, अपना ग्रिप बदला और खुद को पूरी तरह लॉक कर लिया। इसका नतीजा यह हुआ कि वह ऑफ-साइड पर गेंद खेलने से चूकने लगा। अब वह फिर से वही कर रहा है, जो वह पहले करता था।”