
Western Disturbance in North India (उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने के कारण एक बार फिर मौसम में भीषण बदलाव आने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 72 घंटों में पहाड़ों पर बर्फ की चादर बिछेगी और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि होगी।
उत्तर भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मौसम में फिर से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 26 से 29 जनवरी 2026 के बीच पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
उत्तर भारत एक बार फिर मौसम की मार झेलने के लिए तैयार है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत के राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश (Snow & Rain in Hills)
प्रभावित क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड।
पूर्वानुमान: इन राज्यों में 26 से 28 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।
चेतावनी: 27 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) का अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में इससे सड़कें बंद होने की आशंका है।
मैदानी इलाकों में बारिश और ओले (Rain & Hail in Plains)
प्रभावित क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-NCR, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश।
पूर्वानुमान: 27 जनवरी से इन इलाकों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। यहाँ गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
ओलावृष्टि (Hailstorm): पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
तेज हवाएं: बारिश के दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
दिल्ली-NCR का मौसम (Delhi Weather)
- मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज के मौसम का मुख्य प्रभाव इस प्रकार रहेगा:
- राजधानी दिल्ली में 27 जनवरी के आसपास बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
- बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और ठिठुरन फिर से बढ़ सकती है।
बारिश और गरज: आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक (thunderstorms) की संभावना है।
तेज हवाएं: 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे ठंडक और बढ़ सकती है।
तापमान: बारिश और हवाओं के कारण दिन का तापमान (अधिकतम) 19°C और रात का (न्यूनतम) 9°C के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में भी सिहरन महसूस होगी।
दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट: 27 जनवरी
व्यापक बारिश और गरज के साथ बौछारें 27 जनवरी को दिल्ली-एनसीआर में व्यापक बारिश, गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सुबह से दोपहर तक मौसम खराब बना रहेगा। इस दौरान बारिश, बिजली कड़कने और लगभग 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है और सर्दियों की ठिठुरन फिर से बढ़ सकती है।
मुख्य बिंदु:
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): यह प्रतिकूल मौसम एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण है, जो उत्तर भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो रही है।
मैदानी इलाकों का हाल: दिल्ली-एनसीआर सहित मैदानी इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली और गरज के साथ बौछारें पड़ने की भविष्यवाणी की गई है।
आगामी पूर्वानुमान: विशेषज्ञों का संकेत है कि 30 जनवरी के बाद एक और नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे आगे भी बारिश और अस्थिर मौसम जारी रह सकता है।
तापमान और वायु गुणवत्ता: दिल्ली में पिछले कुछ दिनों की गर्मी अब ठंड में बदल सकती है। बारिश और तेज हवाओं से वायु गुणवत्ता (Air Quality) में सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन दैनिक गतिविधियों में बाधा आ सकती है।
सावधानी: निवासियों को ओलावृष्टि (hailstorms) और सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बिजली या सड़क यातायात में संभावित व्यवधान के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत मौसम पूर्वानुमान: 26 से 28 जनवरी
पश्चिमी विक्षोभ और भारी बर्फबारी 26 से 28 जनवरी के बीच आने वाला पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में महत्वपूर्ण मौसम परिवर्तन लाने वाला है। इसके कारण हिमालयी क्षेत्रों में व्यापक बारिश और बर्फबारी की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी होगी।
क्षेत्रीय प्रभाव:
मैदानी इलाके: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
शीत लहर (Cold Wave): बारिश और बर्फबारी के शुरुआती दौर के बाद, न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट की उम्मीद है। मौसम एजेंसियों के अनुसार, इसके बाद उत्तर भारत के बड़े हिस्से में भीषण शीत लहर चलने की संभावना है।
व्यवधान और लाभ: इस मौसम के कारण यात्रा में अस्थाई बाधाएं, सड़क जाम और घने कोहरे जैसी खतरनाक स्थितियां पैदा हो सकती हैं। हालांकि, एक लंबे सूखे स्पेल (Dry Spell) के बाद यह बर्फ की चादर को फिर से भरने और आवश्यक नमी प्रदान करने के लिए फायदेमंद है।
महत्वपूर्ण चेतावनी:
पहाड़ी क्षेत्र: मनाली और शिमला जैसे पहाड़ी शहरों में सूखा मौसम समाप्त हो जाएगा, जिससे कृषि और जल जलाशयों को लाभ होगा।
जोखिम: अधिकारियों ने इस सक्रिय सिस्टम के बाद भूस्खलन (Landslides), हिमस्खलन (Avalanches) और ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थितियों के प्रति चेतावनी जारी की है।
निष्कर्ष: यह मौसमी बदलाव एक तरफ जहां किसानों और पर्यावरण के लिए राहत लेकर आएगा, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन और यातायात के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
हिमालय में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान
पहाड़ों पर भारी बर्फबारी (Snowfall)
क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड।
प्रभाव: ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी और कुछ स्थानों पर हिमस्खलन (Avalanche) की चेतावनी दी गई है। मनाली और शिमला जैसे पर्यटक स्थलों पर सूखा मौसम खत्म होगा, लेकिन सड़कों के बंद होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा रहता है।
2. मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि (Rain & Hail)
क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश।
मौसम: इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक (Thunderstorm) और बिजली कड़कने की संभावना है। 27 जनवरी को कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।
तेज हवाएं: 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चलेंगी।
3. तापमान में उतार-चढ़ाव और शीतलहर
दिन का तापमान: बादलों और बारिश के कारण दिन के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी रहेगी।
रात का तापमान: बादलों की वजह से शुरुआत में रातें थोड़ी गर्म हो सकती हैं, लेकिन विक्षोभ के गुजरते ही (28 जनवरी के बाद) आसमान साफ होगा और भीषण शीतलहर (Cold Wave) चलेगी, जिससे पारा फिर से 3-4°C तक गिर सकता है।
4. वायु गुणवत्ता (AQI) और कृषि
प्रदूषण में कमी: तेज हवाओं और बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर में हवा साफ होगी और प्रदूषण के स्तर (AQI) में सुधार होगा।
किसानों के लिए: गेहूं जैसी रबी की फसलों के लिए यह बारिश ‘अमृत’ समान मानी जाती है, हालांकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।