Budget 2026 Income Tax Slab: मध्यम वर्ग की चमकी किस्मत! टैक्स में मिली बड़ी राहत।

Budget 2026 Income Tax Slab

बजट 2026 को लेकर फिलहाल बाजार और निवेशकों के बीच काफी चर्चा है। हालांकि आधिकारिक घोषणा वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण के दौरान ही की जाएगी, लेकिन वर्तमान रिपोर्टों और इंडस्ट्री की मांगों के आधार पर मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:Budget 2026 Income Tax Slab

Budget 2026 Income Tax Slab: नई दरें और बड़े बदलाव

1. म्यूचुअल फंड पर इंडेक्सेशन (Indexation on Mutual Funds)

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की संस्था AMFI ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि Debt Mutual Funds पर इंडेक्सेशन लाभ को फिर से बहाल किया जाए। Budget 2026 Income Tax Slab

  • क्या था बदलाव: जुलाई 2024 के बजट में डेट फंड्स से इंडेक्सेशन का फायदा हटाकर उन्हें स्लैब रेट के हिसाब से टैक्स के दायरे में ला दिया गया था।

  • उम्मीद: निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि 36 महीने से अधिक समय तक रखे गए डेट फंड्स पर फिर से इंडेक्सेशन (महंगाई के अनुसार खरीद मूल्य बढ़ाकर टैक्स गणना) का लाभ मिले। Budget 2026 Income Tax Slab

2. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव (Income Tax Slab Tweaks)

बजट 2026 में मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए टैक्स स्लैब में कुछ सुधारों की उम्मीद की जा रही है: Budget 2026 Income Tax Slab

  • स्टैंडर्ड डिडक्शन: वेतनभोगियों के लिए इसे ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 करने की मांग है।

  • नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime): उम्मीद है कि ₹12 लाख से ₹20 लाख के बीच के ब्रैकेट को और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है। Budget 2026 Income Tax Slab

  • 87A रिबेट: वर्तमान में ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता (रिबेट के कारण), इसे और बेहतर करने के सुझाव दिए गए हैं।

3. LTCG और STT पर अपडेट (LTCG & STT News)

  • LTCG छूट: वर्तमान में इक्विटी पर ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स फ्री है। इसे बढ़ाकर ₹2 लाख करने की मांग की जा रही है।

  • STT (Securities Transaction Tax): ट्रेडर्स और निवेशक डेरिवेटिव्स (F&O) और आर्बिट्राज फंड्स पर बढ़े हुए STT को कम करने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि ट्रांजेक्शन की लागत घट सके। Budget 2026 Income Tax Slab


India budget 2026: What you need to know | WION NEWS

बजट 2026: 10 प्रमुख रिफॉर्म्स और घोषणाएं

  1. टैक्स स्लैब में बदलाव: मध्यम वर्ग की डिस्पोजेबल आय बढ़ाने के लिए नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के स्लैब में बदलाव की संभावना है, जिससे ₹12 लाख से अधिक आय वालों को भी बड़ी राहत मिल सके। Budget 2026 Income Tax Slab

2. स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction): वेतनभोगियों के लिए स्टैंडर्ड कटौती को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 करने का प्रस्ताव है, जिससे प्रभावी टैक्स-फ्री आय बढ़ जाएगी।

3. म्यूचुअल फंड इंडेक्सेशन: डेट म्यूचुअल फंड्स और रियल एस्टेट पर इंडेक्सेशन बेनिफिट्स की बहाली की मांग पर फैसला हो सकता है, जिससे निवेशकों का टैक्स बोझ कम होगा।

4. STT और LTCG: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए ₹1.25 लाख की LTCG छूट को बढ़ाकर ₹2 लाख करने और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को तर्कसंगत बनाने पर चर्चा है।

5. 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission): सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग के गठन या इसके रोडमैप पर बड़ी घोषणा की उम्मीद है। Budget 2026 Income Tax Slab

6. पूंजीगत व्यय (Capex): बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए पूंजीगत व्यय को 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक (10-15% की वृद्धि) तक ले जाने का लक्ष्य रखा जा सकता है।

7. पीएम किसान निधि: किसानों को राहत देने के लिए सालाना ₹6,000 की सम्मान निधि को बढ़ाकर ₹8,000 से ₹10,000 किया जा सकता है।

8. AI और डिजिटल मिशन: स्टार्टअप्स और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत कंप्यूटिंग पावर और GPU एक्सेस के लिए भारी निवेश का ऐलान संभव है। Budget 2026 Income Tax Slab

9. हाउसिंग रिफॉर्म्स: टियर-2 और टियर-3 शहरों में सस्ते घरों के लिए PMAY के तहत सब्सिडी और होम लोन ब्याज पर ₹4 लाख तक की छूट (पुरानी व्यवस्था) की मांग।

10. राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Deficit): सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को GDP के 4.5% से नीचे लाने का रहेगा, ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे। Budget 2026 Income Tax Slab

बजट 2026: प्रमुख घोषणाएं और उम्मीदें (Live)

. नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) – FY 2026-27

वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था ही ‘डिफ़ॉल्ट’ (Default) विकल्प है। पिछली घोषणाओं के बाद अब ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है (₹60,000 की रिबेट के कारण)। Budget 2026 Income Tax Slab

मौजूदा टैक्स स्लैब (जो लागू हैं):

  • ₹0 – ₹4 लाख: 0%

  • ₹4 – ₹8 लाख: 5%

  • ₹8 – ₹12 लाख: 10%

  • ₹12 – ₹16 लाख: 15%

  • ₹16 – ₹20 लाख: 20%

  • ₹20 – ₹24 लाख: 25%

  • ₹24 लाख से ऊपर: 30%लाइव अपडेट: वेतनभोगी वर्ग (Salaried Class) की सबसे बड़ी मांग स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 करने की है। अगर ऐसा होता है, तो ₹13 लाख तक की सैलरी पूरी तरह टैक्स फ्री हो सकती है। Budget 2026 Income Tax Slab

2. पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime)

पुरानी व्यवस्था में लंबे समय से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय मध्यम वर्ग के लिए कुछ छूट (जैसे 80C या 80D की लिमिट बढ़ाना) दी जा सकती है।

  • मूल छूट: ₹2.5 लाख तक (60 साल से कम उम्र के लिए)। Budget 2026 Income Tax Slab

  • 80C लिमिट: वर्तमान में ₹1.5 लाख है, जिसे ₹2.5 – ₹3 लाख करने की मांग है।

3. अन्य महत्वपूर्ण बदलाव जिनकी संभावना है:

  • इंडेक्सेशन (Indexation): म्यूचुअल फंड और रियल एस्टेट पर इंडेक्सेशन लाभ की वापसी की मांग बहुत तेज है। Budget 2026 Income Tax Slab

  • STT कटौती: शेयर बाजार में ट्रेडिंग की लागत कम करने के लिए STT (Securities Transaction Tax) में राहत की उम्मीद है।

  • होम लोन ब्याज: नई टैक्स व्यवस्था में भी होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट की मांग की जा रही है। Budget 2026 Income Tax Slab

  • विशेषतानई टैक्स व्यवस्था (New)पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old)
    टैक्स फ्री इनकम₹12 लाख तक (रिबेट के साथ)₹5 लाख तक (रिबेट के साथ)
    स्टैंडर्ड डिडक्शन₹75,000 (संभावित ₹1 लाख)₹50,000
    80C/80D लाभनहीं मिलताउपलब्ध है
    डिफ़ॉल्ट विकल्प?हाँनहीं (चुनना पड़ता है)

 

निष्कर्ष: बजट 2026 और करदाता

संक्षेप में कहा जाए तो, Budget 2026 Income Tax Slab मुख्य रूप से मध्यम वर्ग को अधिक खर्च करने की शक्ति (Disposable Income) देने और टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने पर केंद्रित नजर आता है। यदि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी और इंडेक्सेशन लाभों की बहाली जैसी मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो यह न केवल वेतनभोगी वर्ग के लिए एक बड़ी राहत होगी, बल्कि शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेश में भी नया उत्साह फूंकेगी।

कुल मिलाकर, यह बजट ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर एक संतुलित कदम है, जहाँ राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Deficit) और आम आदमी की राहत के बीच सामंजस्य बिठाने की कोशिश की गई है। अब देखना यह है कि वित्त मंत्री की अंतिम घोषणाएं उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती हैं।

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